उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद आए बदलावों पर बोले सीएम योगी, परिवारवाद पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को रेखांकित किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले परिवारवाद को ही विकास माना जाता था और सैफई महोत्सव को ही सांस्कृतिक उत्थान का पैमाना समझा जाता था। योगी ने प्रदेश की प्रगति और बदली हुई कार्यशैली पर अपनी बात रखी है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने वर्ष 2017 के बाद राज्य में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था जब प्रदेश में परिवारवाद को ही विकास का पर्याय मान लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में सत्ता से जुड़े लोगों के निजी हितों को ही राज्य का हित समझा जाता था। मुख्यमंत्री के अनुसार, उस समय की व्यवस्था में आम जनता की जरूरतों के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों का वर्चस्व था।
सांस्कृतिक आयोजनों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने सैफई महोत्सव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में सैफई महोत्सव को ही राज्य के सांस्कृतिक उत्थान का एकमात्र केंद्र मान लिया गया था। योगी ने इसे एक संकुचित दृष्टिकोण करार देते हुए कहा कि वास्तविक सांस्कृतिक विकास इससे कहीं अधिक व्यापक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश द्वारा भरी गई उड़ान का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के आने के बाद प्रदेश की छवि और कार्यशैली में आमूलचूल परिवर्तन आया है। योगी के अनुसार, अब राज्य में विकास की परिभाषा बदल गई है और यह अब किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है।
उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य अब प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार का लक्ष्य बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों का विकास करना है। उन्होंने राज्य की बदली हुई स्थिति को एक नई दिशा के रूप में प्रस्तुत किया।
अमर उजाला ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह बातें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान स्थिति की तुलना पुराने दौर से करते हुए जनता को सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। योगी का यह बयान राज्य की राजनीतिक चर्चाओं के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने प्रदेश की निरंतर प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है, जहाँ विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुँच रहा है।