उन्नाव में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की स्थिति खराब, कई स्थानों पर धंसी सड़क, मरम्मत कार्य जारी
उन्नाव जिले में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में अनियमितताओं के कारण सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को बारिश के कारण चार अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी धंस गई। निर्माण कंपनी ने आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू किया है, लेकिन सड़क के बार-बार धंसने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से गुजरने वाले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में बरती गई अनियमितताओं के चलते सड़क का एक बड़ा हिस्सा लगातार धंस रहा है। सड़क की खराब गुणवत्ता के कारण आए दिन नई समस्याएं सामने आ रही हैं।
बुधवार को हुई बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर तीन अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी धंस गई। वहीं, लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर भी एक स्थान पर सड़क के नीचे की मिट्टी खिसक गई, जिससे वहां बड़े गड्ढे बन गए।
सड़क के धंसने की सूचना मिलते ही निर्माण कंपनी में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया। हालांकि, सड़क के बार-बार धंसने की घटनाओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए यह एक्सप्रेसवे अब जोखिम भरा होता जा रहा है। सड़क पर जगह-जगह मिट्टी धंसने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में किसी बड़ी कार्रवाई की सूचना नहीं है, लेकिन कंपनी द्वारा किए जा रहे मरम्मत कार्य पर सवाल उठ रहे हैं।
एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में इस तरह की लापरवाही आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कंपनी द्वारा की जा रही मरम्मत केवल एक अस्थायी समाधान प्रतीत हो रही है, क्योंकि सड़क के धंसने का सिलसिला रुक नहीं रहा है।
अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए निर्माण की गुणवत्ता की जांच करानी चाहिए। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में यह एक्सप्रेसवे बड़े हादसों का कारण बन सकता है।
फिलहाल, मरम्मत कार्य जारी है और यातायात को सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही यदि मानकों का सही पालन किया जाता, तो आज यह स्थिति नहीं होती।