उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, बाढ़ प्रभावित गांव में नाव से हुआ रेस्क्यू
उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी और मरीजों को नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन के अनुसार, जलस्तर खतरे के निशान से महज 18 सेंटीमीटर दूर है, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
VIMARSHNAARAD TVउन्नाव जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान नदी के जलस्तर में चार सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 112.820 मीटर तक पहुंच गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्तर खतरे के निशान यानी 113 मीटर से केवल 18 सेंटीमीटर नीचे है।
बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों के गांवों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी जमा होने और रास्तों के जलमग्न होने के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
हाल ही में एक ऐसी ही स्थिति सामने आई जब एक बाढ़ प्रभावित गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ा। नाव के जरिए मरीज को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया, जहां से उसे आगे के उपचार के लिए भेजा गया।
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। गंगा के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो खतरे के निशान को पार करने की आशंका बनी हुई है।
बाढ़ के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों में नावों की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होने पर उसे तुरंत निकाला जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति की गंभीरता को समझ रहे हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।