उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: बिल्डर को 90 दिन में फ्लैट सौंपने और हर्जाना देने का आदेश
आगरा में उपभोक्ता आयोग ने एक बिल्डर के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए फ्लैट का कब्जा समय पर न देने और मनमाने ढंग से कीमत बढ़ाने के मामले में फैसला सुनाया है। आयोग ने बिल्डर को 90 दिनों के भीतर फ्लैट का कब्जा सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, उपभोक्ता को हुई परेशानी के लिए बिल्डर को हर्जाना भी भरना होगा।
VIMARSHNAARAD TVआगरा में उपभोक्ता आयोग प्रथम ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बिल्डर को राहत देने के बजाय उपभोक्ता के पक्ष में आदेश जारी किया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मामला फ्लैट का कब्जा समय पर न मिलने और बिल्डर द्वारा अचानक कीमत बढ़ा दिए जाने से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि बिल्डर ने तय समय सीमा के भीतर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया। इसके अतिरिक्त, बिल्डर ने फ्लैट की कीमत में भी अनुचित तरीके से बढ़ोतरी कर दी थी, जिससे उपभोक्ता को काफी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले की सुनवाई के बाद, उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर को कड़ी फटकार लगाई और उसे 90 दिनों के भीतर फ्लैट का कब्जा उपभोक्ता को सौंपने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के भीतर प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है।
इसके अलावा, आयोग ने बिल्डर को उपभोक्ता को हर्जाना देने का भी आदेश दिया है। यह हर्जाना उस परेशानी और देरी के लिए है जो बिल्डर की लापरवाही के कारण उपभोक्ता को झेलनी पड़ी।
यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो बिल्डर की मनमानी और देरी के कारण अपने सपनों के घर से वंचित हैं। आयोग का यह रुख बिल्डर जगत में एक कड़ा संदेश देने का काम करेगा।
उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बिल्डर को हर हाल में 90 दिनों की समय सीमा का पालन करना होगा। यदि बिल्डर ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे आगे की कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इस फैसले से उपभोक्ता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। आयोग की इस कार्रवाई को बिल्डरों की मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।