उपराष्ट्रपति ने चेन्नई में 'दिनामलार' के 75 वर्ष पूरे होने पर जारी किया स्मारक डाक टिकट
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में 'दिनामलार' समाचार पत्र के 75वें स्थापना वर्ष के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। उन्होंने समाचार पत्र की सच्चाई और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में आयोजित एक विशेष समारोह में 'दिनामलार' समाचार पत्र के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने समाचार पत्र की सात दशकों से अधिक की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि इसने सच्चाई, देशभक्ति और जनसेवा के मूल्यों को हमेशा प्राथमिकता दी है।
उपराष्ट्रपति ने 'दिनामलार' के संस्थापक टी. वी. रामासुब्बईयर के योगदान को याद करते हुए कहा कि 1951 में एक विचार के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज एक बड़े संगठन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कई पीढ़ियों के सामूहिक प्रयासों और समर्पण का परिणाम है।
श्री राधाकृष्णन ने जोर देकर कहा कि कोई भी समाचार पत्र पाठकों का भरोसा तभी जीत सकता है जब वह बिना किसी दबाव के निडर होकर अपने मूल्यों पर अडिग रहे। उन्होंने 'दिनामलार' द्वारा पाठकों के साथ बनाए गए भरोसे के मजबूत रिश्ते की प्रशंसा की।
समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने 'पट्टम' प्रकाशन के माध्यम से स्कूली छात्रों को जागरूक करने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों में भाषा कौशल और वैज्ञानिक नवाचारों के प्रति रुचि जगाने में सहायक है।
उपराष्ट्रपति ने समाचार पत्र के भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसे आने वाले दशकों में भी सच्चाई की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने संस्थान से देश और समाज की सेवा निरंतर जारी रखने का आग्रह किया।
इस कार्यक्रम में डाक विभाग के क्षेत्रीय निदेशक मेजर मनोज, दिनामलार समूह के संपादक डॉ. आर. रामासुब्बू, प्रकाशक एल. आदिमूलम, डॉ. एल. रामासुब्बू, श्रीमती जयश्री और आर. आर. गोपालजी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यह आयोजन समाचार पत्र की लंबी यात्रा और उसके द्वारा समाज में किए गए योगदान को रेखांकित करने के लिए आयोजित किया गया था।
