उपराष्ट्रपति ने दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को 'मिनी इंडिया' बताया, विकास कार्यों की सराहना की
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव की अपनी पहली यात्रा के दौरान इसे 'मिनी इंडिया' कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व में हुए विकास की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए इसे विकसित भारत 2047 के विजन में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान सिलवासा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गवर्नमेंट कॉलेज में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस क्षेत्र की सामाजिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करते हुए इसे 'मिनी इंडिया' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग यहां आपसी सद्भाव के साथ रह रहे हैं और क्षेत्र के विकास में योगदान दे रहे हैं।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश अभिनव शासन और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने पिछले एक दशक में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया कि यहां 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की 450 से अधिक अवसंरचना परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें 4,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी 800 किलोमीटर लंबी सड़कें भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आए बदलावों पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि 2019 से पहले यहां एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था, जबकि अब एक मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सिलवासा और दमन में नमो अस्पताल भी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में टीबी के मामलों में 57 प्रतिशत और कुपोषण में 58 प्रतिशत की कमी आई है। साथ ही, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य भी हासिल कर लिया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने 700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 21 नए स्कूलों के निर्माण और स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा का उल्लेख किया। इसके अलावा, निफ्ट और गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के परिसरों की स्थापना से युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं।
पर्यटन के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि पर्यटकों की संख्या 2021 के 6 लाख से बढ़कर 2025 में 50 लाख तक पहुंच गई है। दमन नाइट मार्केट, राम-सेतु सीफ़्रंट और जल क्रीड़ा जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक पहचान दिलाई है।
औद्योगिक विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से यहां 7,500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां काम कर रही हैं, जिनसे 2.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। नमो हवाई अड्डे के उद्घाटन से दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद के साथ कनेक्टिविटी और सुदृढ़ हुई है।
अंत में, उपराष्ट्रपति ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश 'विकसित भारत 2047' के विजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने सरकारी इमारतों के शत-प्रतिशत सौरकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भी स्थानीय प्रशासन की सराहना की।
