एटा में धोखाधड़ी का अनोखा मामला: मृत महिला को कागजों में जीवित दिखाकर हड़पे 10 लाख से अधिक
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक हैरान कर देने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक महिला की मृत्यु के एक महीने बाद उसे दस्तावेजों में जीवित दिखाकर बीमा कंपनी से 10.78 लाख रुपये का क्लेम हासिल कर लिया गया। मामले का खुलासा होने पर बंधन इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने जलेसर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां बीमा राशि हड़पने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक महिला की मृत्यु के पश्चात उसे कागजों में जीवित दर्शाकर बीमा कंपनी को गुमराह किया गया। इस प्रक्रिया के जरिए 10.78 लाख रुपये की बड़ी धनराशि क्लेम के रूप में प्राप्त कर ली गई।
संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह पूरा खेल तब शुरू हुआ जब महिला की मौत के एक महीने बाद भी उसे आधिकारिक दस्तावेजों में जीवित दिखाया गया। इस फर्जीवाड़े का उद्देश्य बीमा कंपनी से अनुचित लाभ उठाना था। जालसाजों ने बड़ी चतुराई से मृत महिला के नाम पर बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी की और राशि अपने नाम कर ली।
जब बीमा कंपनी को इस धोखाधड़ी का आभास हुआ, तो उन्होंने मामले की आंतरिक जांच की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिस महिला के नाम पर क्लेम लिया गया, उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद कंपनी के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बंधन इंश्योरेंस कंपनी के एक प्रतिनिधि ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जलेसर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने कंपनी के प्रतिनिधि की तहरीर पर धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब उन दस्तावेजों की जांच कर रही है जिनके आधार पर यह क्लेम पास किया गया था।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में कौन-कौन से व्यक्ति या अधिकारी शामिल थे। जांच अधिकारी ने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने बीमा क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि किस प्रकार मृत व्यक्ति के नाम पर इतनी बड़ी राशि का भुगतान हो गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
फिलहाल जलेसर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस धोखाधड़ी के पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।