एटा में फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी का भंडाफोड़, रिटायर्ड सीएमओ के बेटे समेत पांच गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में पुलिस ने एक फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले की शुरुआत भाई के अपहरण की झूठी सूचना से हुई, जिसकी जांच के दौरान पुलिस को इस बड़े रैकेट का पता चला। गिरोह ने चपरासी को फैकल्टी बनाकर छात्रों से मोटी रकम वसूली थी। पुलिस ने इस मामले में रिटायर्ड सीएमओ के बेटे सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नाम पर छात्रों को ठगने का बड़ा रैकेट चल रहा था। मारहरा पुलिस ने गहन जांच के बाद इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को एक भाई के अपहरण की सूचना मिली। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि उसके भाई को दो लाख रुपये की फिरौती के लिए अगवा कर लिया गया है। पुलिस ने जब इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू की, तो अपहरण की सूचना पूरी तरह से फर्जी निकली।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह पूरा मामला अपहरण का नहीं, बल्कि एक बड़े शैक्षिक घोटाले का है। आरोपियों ने फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी का जाल बिछा रखा था। वे छात्रों को दाखिला देने के नाम पर उनसे भारी भरकम रकम वसूलते थे।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी कॉलेज में पढ़ाई का कोई इंतजाम नहीं था। हद तो तब हो गई जब गिरोह ने एक चपरासी को ही कॉलेज का फैकल्टी सदस्य बना दिया था। इस तरह से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।
इस पूरे खेल के पीछे रिटायर्ड सीएमओ के बेटे का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वह इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था।
पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
यह घटना शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे फर्जीवाड़ों की ओर इशारा करती है। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता और वैधता की जांच जरूर करें।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने छात्रों को अपना शिकार बनाया है।