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एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रसंस्करण और पेलेट संयंत्र का किया शुभारंभ

एनएमडीसी लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ के नगरनार में 5,427 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना के तहत पेलेट संयंत्र शुरू किया है। यह परियोजना बचेली और नगरनार को जोड़ती है।

एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रसंस्करण और पेलेट संयंत्र का किया शुभारंभ
आधिकारिक स्रोत का चित्र: Press Information Bureau, Government of India · PIB reusable material · Press Information Bureau

एनएमडीसी लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ के नगरनार में अपने 2 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाले पेलेट संयंत्र का संचालन शुरू कर दिया है। यह पहल 5,427 करोड़ रुपये की एक बड़ी एकीकृत परियोजना का हिस्सा है, जिसमें लौह अयस्क प्रसंस्करण और स्लरी पाइपलाइन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

यह एकीकृत परियोजना बचेली में स्थित कंपनी के लौह अयस्क संचालन को नगरनार के इस्पात संयंत्र से जोड़ती है। इस परियोजना के अंतर्गत बचेली में एक नया लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र और 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन भी स्थापित की गई है।

यह स्लरी पाइपलाइन बचेली से नगरनार तक संसाधित लौह अयस्क कॉन्संट्रेट को ले जाने का काम करेगी। यह सड़क मार्ग द्वारा अयस्क की ढुलाई का एक प्रभावी विकल्प है, जिससे रेलवे पर निर्भरता कम होगी। यह पाइपलाइन बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के 61 गांवों से होकर गुजरती है।

पेलेट संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर एनएमडीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। खराब मौसम के कारण वे व्यक्तिगत रूप से स्थल पर नहीं पहुंच सके, लेकिन मुख्यालय से उन्होंने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।

यह पेलेट संयंत्र इस्पात निर्माण के लिए 'स्ट्रेट ग्रेट इंडुरेशन' तकनीक का उपयोग करता है। यह एनएमडीसी को अपनी बैलाडीला खदानों से प्राप्त फाइन्स और स्लाइम्स को उच्च गुणवत्ता वाले कॉन्संट्रेट और पेलेट में बदलने में सक्षम बनाएगा।

कंपनी की विस्तार रणनीति के तहत, एनएमडीसी अपनी लौह अयस्क उत्पादन क्षमता को लंबी अवधि में 100 मिलियन टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है। यह परियोजना कंपनी के पोर्टफोलियो में मूल्य-संवर्धित उत्पादों को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि इस परियोजना को पूरा करना एक कठिन कार्य था, लेकिन आज यह सपना सच हो गया है। यह कमीशनिंग खनन से लेकर पेलेट उत्पादन तक की पूरी मूल्य-श्रृंखला में एनएमडीसी की उपस्थिति को मजबूत करती है।

इस परियोजना का उद्देश्य लौह अयस्क का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करना है। यह बचेली और नगरनार के बीच एक समर्पित लिंक प्रदान करती है, जो कंपनी के परिचालन दक्षता को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

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