एनबीसीएफडीसी: पिछड़े वर्गों के लिए उद्यमिता और शिक्षा हेतु 25 लाख रुपये तक का ऋण
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) पिछड़े वर्गों के पात्र सदस्यों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए रियायती ऋण प्रदान कर रहा है। व्यक्तिगत ऋण के तहत 25 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध है, जिस पर 7% से 8% तक ब्याज दर लागू होती है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए विभिन्न वित्तीय योजनाएं चला रहा है। निगम का मुख्य उद्देश्य इन वर्गों में उद्यमिता, कौशल विकास और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक है, वे इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। व्यक्तिगत ऋण योजना के तहत परियोजना लागत का 85% तक कवर किया जाता है, जिसमें अधिकतम ऋण सीमा 25 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
ब्याज दरों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि 1.25 लाख रुपये तक के ऋण पर 7% वार्षिक ब्याज लगता है। वहीं, 1.25 लाख रुपये से अधिक और 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 8% वार्षिक ब्याज दर लागू होती है।
शिक्षा ऋण के लिए भी निगम 25 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करता है। इस पर 8% वार्षिक ब्याज दर है और इसे चुकाने की अवधि 10 वर्ष तक हो सकती है, जिसमें अधिस्थगन अवधि भी शामिल है।
समूह ऋण योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को भी प्रति समूह 25 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है। इसमें प्रति लाभार्थी 1.25 लाख रुपये की सीमा है और परियोजना लागत का 90% तक कवर किया जा सकता है। इसके लिए समूह में कम से कम 60% सदस्य पिछड़े वर्गों से होने चाहिए।
समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को 1% की छूट का प्रावधान भी है, जिसका लाभ चैनल भागीदार और लाभार्थी को बराबर मिलता है। यह निगम 1992 से कार्यरत है और निरंतर आर्थिक विकास के लिए कार्य कर रहा है।
इच्छुक आवेदक अपने जिले में संबंधित चैनल भागीदार से संपर्क कर सकते हैं या एनबीसीएफडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए निगम की वेबसाइट देखी जा सकती है।
