ताज़ा अपडेटएमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी के अनसुने किस्से, सुशांत सिंह राजपूत के चयन और फिल्म की प्रेरणा पर खुलासा
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी के अनसुने किस्से, सुशांत सिंह राजपूत के चयन और फिल्म की प्रेरणा पर खुलासा

साल 2016 में आई महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' से जुड़ी कई रोचक जानकारियां सामने आई हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत को मुख्य भूमिका मिलने की प्रक्रिया और धोनी के जीवन से जुड़े कुछ अनसुने प्रसंग काफी दिलचस्प रहे हैं। यह फिल्म भारतीय क्रिकेट के दिग्गज कप्तान के संघर्ष और उनके सफर को पर्दे पर उतारने के लिए जानी जाती है।

एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी के अनसुने किस्से, सुशांत सिंह राजपूत के चयन और फिल्म की प्रेरणा पर खुलासा
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Bollywood Hungama · CC BY 3.0 · Openverse

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर आधारित फिल्म 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। साल 2016 में रिलीज हुई इस फिल्म के निर्माण से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के पीछे की प्रेरणा और इसके कलाकारों के चयन को लेकर कई अनसुने किस्से प्रचलित हैं।

फिल्म की कहानी के पीछे एक छोटा सा प्रसंग बताया जाता है, जिसमें एक बच्चे ने धोनी से कुछ ऐसा पूछा था, जिसने फिल्म की पटकथा को आकार देने में मदद की। यह सवाल धोनी के जीवन के उन पहलुओं को उजागर करने का जरिया बना, जिन्हें अब तक दुनिया ने नहीं देखा था। इस बायोपिक ने क्रिकेट के मैदान के बाहर धोनी के व्यक्तित्व को गहराई से पेश किया।

मुख्य भूमिका के चयन को लेकर भी काफी चर्चाएं रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस रोल के लिए अक्षय कुमार का नाम भी चर्चा में था, लेकिन अंततः सुशांत सिंह राजपूत को इस किरदार के लिए चुना गया। सुशांत ने अपने अभिनय के जरिए धोनी के हाव-भाव और उनके खेलने के अंदाज को बखूबी पर्दे पर उतारा था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों ने काफी सराहा।

फिल्म के निर्माण के दौरान धोनी के निजी जीवन के संघर्षों को भी प्रमुखता से दिखाया गया। उनके शुरुआती दिनों से लेकर भारतीय टीम के कप्तान बनने तक का सफर इस फिल्म का मुख्य आधार रहा है। फिल्म ने न केवल क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया, बल्कि एक आम इंसान के असाधारण बनने की कहानी को भी प्रेरणादायक तरीके से प्रस्तुत किया।

आज भी जब इस फिल्म की बात होती है, तो सुशांत सिंह राजपूत का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने इस भूमिका के लिए काफी मेहनत की थी और धोनी के साथ समय बिताकर उनके तौर-तरीकों को बारीकी से समझा था। यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा की बेहतरीन बायोपिक में गिनी जाती है।

फिल्म से जुड़े ये अनसुने किस्से न केवल प्रशंसकों के लिए रोचक हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि एक सफल फिल्म बनाने के पीछे कितनी बारीकियां काम करती हैं। धोनी के जीवन के उन अनछुए पहलुओं को पर्दे पर लाने का श्रेय पूरी टीम को जाता है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को एक यादगार अनुभव बना दिया।

स्रोत

मूल संदर्भ

01एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗