एमका फाइटर जेट इंजन के लिए रॉल्स-रॉयस का बड़ा प्रस्ताव, 2034 तक उड़ान भरने की तैयारी
रॉल्स-रॉयस ने भारत के भविष्य के एमका (AMCA) फाइटर जेट के लिए एक शक्तिशाली इंजन का प्रस्ताव पेश किया है। इस इंजन में 120 किलोन्यूटन थ्रस्ट और 100 फीसदी आईपी (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) ट्रांसफर की पेशकश की गई है। यह इंजन भविष्य के जेट्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें भारी हथियार ले जाने की क्षमता और लंबी दूरी के मिशन के लिए अधिक ईंधन की सुविधा शामिल है।
VIMARSHNAARAD TVभारत के महत्वाकांक्षी एमका (AMCA) फाइटर जेट कार्यक्रम के लिए रॉल्स-रॉयस ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। कंपनी ने इस विमान के लिए एक अत्याधुनिक इंजन विकसित करने की पेशकश की है, जो 120 किलोन्यूटन का थ्रस्ट उत्पन्न करने में सक्षम होगा। इस प्रस्ताव की सबसे बड़ी विशेषता 100 फीसदी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) ट्रांसफर की पेशकश है, जो भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता मिशन के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस इंजन को भविष्य की युद्धक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। आधुनिक फाइटर जेट्स को टेक-ऑफ के समय काफी अधिक वजन उठाने की आवश्यकता होती है। इसके पीछे मुख्य कारण विमान में बड़े इंटरनल वेपन बे का होना है, ताकि हथियार दुश्मन की रडार से छिपे रहें।
इसके अलावा, लंबी दूरी के मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विमान में अधिक ईंधन ले जाने की क्षमता होनी चाहिए। रॉल्स-रॉयस का प्रस्तावित इंजन इन सभी तकनीकी चुनौतियों को हल करने में सक्षम बताया गया है। यह इंजन न केवल विमान को गति देगा, बल्कि उसे भारी पेलोड के साथ उड़ान भरने में भी मदद करेगा।
आधुनिक युद्धक्षेत्र में 'लॉयल विंगमैन' कॉम्बैट ड्रोन का महत्व बढ़ गया है। एमका फाइटर जेट को इन ड्रोन्स के साथ तालमेल बिठाने के लिए जटिल इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम की आवश्यकता होगी। रॉल्स-रॉयस का मानना है कि उनका इंजन इन कॉम्प्लेक्स सिस्टम्स को चलाने के लिए आवश्यक ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने में पूरी तरह सक्षम है।
इस परियोजना के तहत 2034 तक एमका फाइटर जेट की पहली उड़ान का लक्ष्य रखा गया है। यह समयसीमा भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो यह भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
रॉल्स-रॉयस का यह ऑफर न केवल तकनीकी सहयोग का है, बल्कि यह भारत के साथ दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को भी मजबूत करता है। 100 फीसदी आईपी ट्रांसफर का मतलब है कि भारत के पास इंजन की तकनीक का पूरा अधिकार होगा, जिससे भविष्य में रखरखाव और अपग्रेडेशन में आसानी होगी।
रक्षा विशेषज्ञ इस प्रस्ताव को भारत के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। एमका फाइटर जेट भारत की वायु शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार किया जा रहा है, और एक शक्तिशाली इंजन इसका आधार स्तंभ होगा।