एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ के विकास और शांतिपूर्ण भविष्य का प्रतीक है: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य में आए इस बदलाव का श्रेय मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और विकासोन्मुखी शासन को दिया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रायपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्थान छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राज्य की क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि कभी नक्सलवाद, खराब कनेक्टिविटी और भौगोलिक चुनौतियों के कारण यहां विकास बाधित था। हालांकि, अब राज्य शांति और समृद्धि के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने इस परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतिक नीतियों और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले हिंसा का बोलबाला था, वहां अब स्कूल, अस्पताल और बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित हो रहा है। उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए किडनी और कॉर्नियल प्रत्यारोपण जैसे जटिल चिकित्सा कार्यों में संस्थान की सफलता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम को मंजूरी मिलने पर भी खुशी जताई।
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने स्नातकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें देशवासियों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब हर राज्य और गांव का समान विकास हो। उन्होंने युवाओं से नशीली दवाओं से दूर रहने और देश के बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
