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एशियन गेम्स 2026: भारतीय निशानेबाजों के लिए मेडल की राह में दो घंटे का कठिन बस सफर

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों को पदक जीतने के लिए खेल के अलावा एक और बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों को हर दिन दो घंटे का लंबा बस सफर तय करना पड़ता है। इस थकान और शारीरिक परेशानी से बचने के लिए निशानेबाज नेक पिलो और ईयरफोन का सहारा ले रहे हैं। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस कठिन यात्रा के बावजूद भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का सफर केवल शूटिंग रेंज तक सीमित नहीं है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों को हर दिन दो घंटे की लंबी बस यात्रा करनी पड़ रही है। यह सफर उनके लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि उन्हें अपनी एकाग्रता बनाए रखने के साथ-साथ शारीरिक थकान से भी निपटना पड़ता है।

लगातार बस में बैठने के कारण खिलाड़ियों को मोशन सिकनेस और गर्दन में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों को कम करने के लिए भारतीय निशानेबाजों ने कुछ खास तरीके अपनाए हैं। वे सफर के दौरान नेक पिलो का इस्तेमाल कर रहे हैं और ईयरफोन लगाकर संगीत या शांति का सहारा ले रहे हैं।

कई खिलाड़ी इस दौरान नींद पूरी करने की कोशिश करते हैं ताकि वे शूटिंग रेंज पर पूरी तरह तरोताजा महसूस करें। रिपोर्ट में बताया गया है कि खिलाड़ियों को इस दौरान अपने फोन भी बंद रखने पड़ते हैं ताकि वे पूरी तरह से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

यह शारीरिक और मानसिक संघर्ष भारतीय टीम के प्रदर्शन में भी दिखाई दिया है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद, भारतीय निशानेबाजों ने एशियन गेम्स में शानदार शुरुआत की है। टीम ने शुरुआती दो सिल्वर मेडल जीतकर अपनी मेहनत को सार्थक साबित किया है।

खिलाड़ियों का यह समर्पण खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। दो घंटे की यात्रा के बाद भी शूटिंग रेंज पर सटीक निशाना लगाना उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है।

एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर पदक जीतना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इन खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों से लड़कर इसे और भी खास बना दिया है।

भारतीय निशानेबाजी दल की यह यात्रा दिखाती है कि कैसे छोटे-छोटे बदलाव और अनुशासन के जरिए खिलाड़ी अपनी बाधाओं को पार कर सकते हैं। आने वाले दिनों में भी टीम से इसी तरह के बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01NDTV Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗