एशियन गेम्स 2026 से पहले भारत को बड़ा झटका, चोट के कारण बाहर हुए ऋषिकांत सिंह
एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों में जुटे भारत को एक बड़ा झटका लगा है। टीम के इकलौते पुरुष वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह घुटने की चोट के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गए हैं। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 19 सितंबर से शुरू होने वाले इन खेलों में अब भारत की पुरुष वेटलिफ्टिंग चुनौती कमजोर हो गई है।
VIMARSHNAARAD TVएशियन गेम्स 2026 के आगाज से ठीक पहले भारतीय खेल दल के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। भारत के एकमात्र पुरुष वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह घुटने की गंभीर चोट के चलते आगामी एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस खबर ने भारतीय खेल प्रेमियों और प्रशंसकों को मायूस कर दिया है।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषिकांत सिंह को प्रशिक्षण के दौरान घुटने में चोट लगी थी। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा है। यह भारत के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि वे इस खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले इकलौते पुरुष एथलीट थे।
19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स के लिए ऋषिकांत सिंह की तैयारी काफी अच्छी चल रही थी। उनकी अनुपस्थिति से भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम की पदक जीतने की उम्मीदों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
ऋषिकांत सिंह का बाहर होना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे भारतीय दल के लिए एक बड़ा नुकसान है। वे लंबे समय से इस प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। उनकी फिटनेस को लेकर की गई जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है कि वे खेल में भाग लेने की स्थिति में नहीं हैं।
भारतीय खेल जगत में ऋषिकांत सिंह की गिनती होनहार वेटलिफ्टरों में होती है। उनकी चोट ने एक बार फिर एथलीटों की फिटनेस और सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है।
फिलहाल, भारतीय दल के अन्य सदस्य अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऋषिकांत की जगह किसी और एथलीट को शामिल करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की उम्मीदें अब अन्य एथलीटों पर टिकी हैं। ऋषिकांत सिंह का बाहर होना निश्चित रूप से एक बड़ी कमी है, लेकिन भारतीय दल इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
खेल प्रशंसकों को अब ऋषिकांत के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। उनकी अनुपस्थिति में भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
एशियाई खेलों का मंच हमेशा से ही एथलीटों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का रहा है, और ऋषिकांत का इस मंच से बाहर होना उनके करियर के लिए भी एक बड़ा झटका है।