ताज़ा अपडेटओटीटी और टीवी ने फिल्म उद्योग में स्टारडम की परिभाषा बदली: गजराज राव
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

ओटीटी और टीवी ने फिल्म उद्योग में स्टारडम की परिभाषा बदली: गजराज राव

अभिनेता गजराज राव ने FICCI Frames 2026 में फिल्म उद्योग के बदलते परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओटीटी और टेलीविजन के उदय ने कलाकारों के लिए काम के नए अवसर पैदा किए हैं। राव के अनुसार, इन माध्यमों ने स्टारडम की पारंपरिक धारणा को चुनौती दी है और अभिनेताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक नया मंच प्रदान किया है।

ओटीटी और टीवी ने फिल्म उद्योग में स्टारडम की परिभाषा बदली: गजराज राव
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Bollywood Hungama · CC BY 3.0 · Wikimedia Commons

अभिनेता गजराज राव ने हाल ही में FICCI Frames 2026 के दौरान भारतीय फिल्म उद्योग में आए बड़े बदलावों पर अपने विचार साझा किए। ज़ूम टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ओटीटी और टीवी के बढ़ते प्रभाव ने मनोरंजन जगत की पूरी तस्वीर बदल दी है।

राव ने कहा कि पहले स्टारडम का एक सीमित दायरा होता था, लेकिन अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने इसे पूरी तरह से बदल दिया है। उनके अनुसार, इन डिजिटल माध्यमों ने न केवल कलाकारों को काम के अधिक अवसर दिए हैं, बल्कि स्टारडम का एक नया और व्यापक रास्ता भी खोला है।

अभिनेता ने बताया कि आज के दौर में कलाकार केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं हैं। ओटीटी और टेलीविजन के माध्यम से वे घर-घर तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता का दायरा काफी बढ़ गया है। उन्होंने इस बदलाव को कलाकारों के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया।

गजराज राव ने फिल्म उद्योग के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि दर्शकों की पसंद भी अब पहले से कहीं अधिक विविधतापूर्ण हो गई है। ओटीटी के आने से विभिन्न प्रकार की कहानियों को मंच मिल रहा है, जिससे अभिनेताओं को भी अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का मौका मिल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि स्टारडम की परिभाषा अब केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों तक सीमित नहीं रह गई है। आज एक कलाकार की पहचान उसके काम और दर्शकों के साथ उसके जुड़ाव से होती है। डिजिटल क्रांति ने इस जुड़ाव को और अधिक गहरा और व्यक्तिगत बना दिया है।

अंत में, राव ने फिल्म उद्योग के भविष्य को लेकर आशावादी दृष्टिकोण व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तकनीक और नए माध्यमों के आने से उद्योग में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जो अंततः दर्शकों और कलाकारों दोनों के लिए फायदेमंद है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01Zoom TVमूल रिपोर्ट देखें ↗