कपिल देव ने खेल दिवस पर साझा किया अपना पछतावा, गोल्फ को लेकर कही यह बात
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव ने खेल दिवस के अवसर पर एक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात का मलाल है कि उन्होंने गोल्फ का खेल काफी देर से शुरू किया। कपिल देव ने अपने खेल करियर के बाद इस खेल में रुचि दिखाई और अब वे इसे लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

खेल दिवस के मौके पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपने जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य साझा किया है। एनडीटीवी इंडिया की खबर के मुताबिक, उन्होंने अपने खेल के अनुभवों के बारे में बात करते हुए एक विशेष पछतावे का जिक्र किया है।
कपिल देव ने स्वीकार किया कि उन्हें गोल्फ के खेल में काफी देरी से रुचि हुई। उन्होंने कहा कि काश उन्होंने गोल्फ खेलना बहुत पहले शुरू कर दिया होता। यह खुलासा उन्होंने खेल दिवस के दौरान एक बातचीत में किया।
पूर्व कप्तान का मानना है कि गोल्फ एक ऐसा खेल है जिसे सीखने और उसमें महारत हासिल करने के लिए काफी समय की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही इस खेल को अपनाया होता, तो आज वे इसमें और बेहतर प्रदर्शन कर रहे होते।
कपिल देव का क्रिकेट में योगदान अविस्मरणीय है, विशेष रूप से 1983 के विश्व कप में उनकी कप्तानी को लेकर। हालांकि, क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने गोल्फ को अपना एक प्रमुख शौक बना लिया है।
उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे गोल्फ के प्रति काफी गंभीर हैं। खेल के प्रति उनका यह जुनून उम्र के इस पड़ाव पर भी कम नहीं हुआ है, बल्कि वे इसे और अधिक समय देना चाहते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब कपिल देव ने खेल के प्रति अपने दृष्टिकोण पर बात की है। वे अक्सर युवा खिलाड़ियों को भी खेल के प्रति समर्पित रहने की सलाह देते रहते हैं।
उनके प्रशंसकों के लिए यह जानना दिलचस्प है कि क्रिकेट के मैदान पर अपनी धाक जमाने वाले कपिल देव अब गोल्फ के मैदान पर भी अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं।
अंततः, कपिल देव का यह पछतावा खेल के प्रति उनके निरंतर प्रेम और सीखने की इच्छा को दर्शाता है। वे आज भी खेल को अपने जीवन का एक अभिन्न हिस्सा मानते हैं।
