कांग्रेस ने परगट सिंह को पंजाब इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया, खेल जगत में रहा है स्वर्णिम इतिहास
कांग्रेस पार्टी ने परगट सिंह को पंजाब का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। परगट सिंह को पूर्व में दुनिया के बेहतरीन हॉकी डिफेंडरों में गिना जाता था। वर्ष 1998 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 1985 की चैंपियंस ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई थी, जब उन्होंने जर्मनी के विरुद्ध अंतिम क्षणों में चार गोल कर मैच ड्रा कराया था।

कांग्रेस पार्टी ने परगट सिंह को पंजाब इकाई की कमान सौंपी है। परगट सिंह का नाम भारतीय खेल इतिहास में एक कुशल हॉकी खिलाड़ी के रूप में दर्ज है। उन्हें अपने समय के विश्व के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों में से एक माना जाता था। उनकी खेल शैली और मैदान पर उनकी सूझबूझ ने उन्हें प्रशंसकों के बीच काफी लोकप्रिय बनाया था।
वर्ष 1998 में परगट सिंह को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके लंबे और सफल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।
उनके करियर का सबसे यादगार पल 1985 की पर्थ चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान आया था। उस समय जर्मनी के खिलाफ खेले गए एक ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम 1-5 से पिछड़ रही थी। मैच के अंतिम छह मिनटों में परगट सिंह ने अद्भुत प्रदर्शन करते हुए चार गोल किए और मैच को 5-5 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
इस करिश्माई प्रदर्शन ने उन्हें रातों-रात भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। उनकी इस उपलब्धि को आज भी हॉकी के सुनहरे पन्नों में याद किया जाता है।
अब राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय परगट सिंह को कांग्रेस ने पंजाब का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके खेल करियर की तरह ही अब उनके राजनीतिक सफर पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, परगट सिंह का यह सफर खेल के मैदान से राजनीति के गलियारों तक का रहा है। उनकी नियुक्ति को लेकर पार्टी और समर्थकों में चर्चा का दौर जारी है।
परगट सिंह के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस किस दिशा में आगे बढ़ेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, उनके खेल के दिनों की यादें और उनकी उपलब्धियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
