कांग्रेस मुख्यालय में राहुल और प्रियंका ने सचिवों का लिया इम्तिहान, कई सवालों पर अटके नेता
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 64 एआईसीसी सचिवों के कामकाज की समीक्षा की। 10 जनपथ पर आयोजित इस बैठक में उन्होंने संगठन से जुड़े कई चुनौतीपूर्ण सवाल पूछे। रिपोर्ट के अनुसार, कई सचिव इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस कवायद का उद्देश्य पार्टी पदाधिकारियों की जमीनी पकड़ और संगठन के प्रति उनकी सक्रियता का आकलन करना था, ताकि भविष्य की रणनीतियों को बेहतर बनाया जा सके।

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हाल ही में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 64 एआईसीसी सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने पार्टी के कामकाज और जमीनी स्तर की स्थिति को समझने के लिए सचिवों से सीधे सवाल किए।
बैठक के दौरान कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने सचिवों से उनके संबंधित राज्यों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि उनके क्षेत्र में पार्टी की सबसे बड़ी कमी क्या है। इसके अलावा, उन्होंने सचिवों से अपने राज्यों के पांच सबसे प्रभावी कार्यकर्ताओं के नाम बताने को कहा।
संगठन की कार्यप्रणाली को परखने के लिए उन्होंने सचिवों से तीन शीर्ष एआईसीसी पदाधिकारियों के नाम भी पूछे। इस तरह के करीब पांच से छह तीखे सवाल पूछे गए, जिनका उद्देश्य सचिवों की सक्रियता और जमीनी जानकारी का परीक्षण करना था।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कई सचिव सवालों का सही उत्तर देने में विफल रहे। आधे से अधिक सचिव इन बुनियादी सवालों पर अटक गए, जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
यह बैठक 10 जनपथ पर आयोजित की गई थी, जो कांग्रेस की रणनीतिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। इस कवायद को पार्टी में अनुशासन और जवाबदेही तय करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि राहुल और प्रियंका का यह अंदाज संगठन में बदलाव का संकेत है। वे चाहते हैं कि पदाधिकारी केवल पदों पर न रहें, बल्कि अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी रखें।
आने वाले समय में इस तरह के और भी मूल्यांकन किए जा सकते हैं ताकि पार्टी की चुनावी तैयारियों को धार दी जा सके। सचिवों के प्रदर्शन के आधार पर भविष्य में संगठनात्मक फेरबदल की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
