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कानपुर: किशोरी को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने वाले को सात साल की सजा

कानपुर में एक विशेष अदालत ने किशोरी को शादी का झांसा देकर ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के दोषी को सात साल की कैद की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायाधीश रविकरण सिंह ने आरोपी पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला एक नाबालिग पीड़िता के मामले में न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आया है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर में एक गंभीर मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रविकरण सिंह ने एक व्यक्ति को किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाने और उसे शादी का झांसा देकर ले जाने का दोषी पाया है। अदालत ने आरोपी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मामले के विवरण के अनुसार, आरोपी ने किशोरी को शादी का प्रलोभन दिया था। इसके बाद वह उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत सुनवाई की। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया। सजा के साथ ही अदालत ने उस पर 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिगों के प्रति इस तरह के अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है।

यह मामला समाज में नाबालिगों की सुरक्षा और उनके प्रति होने वाले अपराधों पर एक कड़ा संदेश देता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के त्वरित और सख्त फैसले से अपराधियों में डर पैदा होता है।

पीड़िता के परिवार ने अदालत के इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था और आज उन्हें न्याय मिला है।

कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस सबूत पेश किए, जिसके आधार पर यह सजा संभव हो सकी।

अदालत का यह निर्णय पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗