कानपुर: केस्को एमडी को अनुसूचित जाति आयोग का नोटिस, कर्मचारियों के साथ भेदभाव का लगा है गंभीर आरोप
कानपुर में केस्को की प्रबंध निदेशक के खिलाफ अनुसूचित जाति आयोग ने नोटिस जारी किया है। उन पर विभाग में कार्यरत अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के साथ जातिगत भेदभाव करने और दोषी कर्मियों को प्रशासनिक संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आयोग ने इस मामले में जवाब तलब किया है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर विद्युत आपूर्ति कंपनी (केस्को) की प्रबंध निदेशक (एमडी) के खिलाफ अनुसूचित जाति आयोग ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई विभाग में अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों के बाद की गई है। आयोग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि केस्को में कार्यरत अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के साथ कार्यस्थल पर भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिल रहे हैं, जिससे विभाग का माहौल प्रभावित हो रहा है।
इसके अतिरिक्त, एमडी पर यह भी आरोप है कि वे उन कर्मचारियों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान कर रही हैं जो कथित तौर पर भेदभाव की घटनाओं में शामिल हैं। शिकायत में कहा गया है कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाया जा रहा है।
अनुसूचित जाति आयोग ने इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए केस्को प्रशासन से जवाब मांगा है। आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकारी संस्थानों में किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव न हो और सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिलें।
फिलहाल, केस्को प्रबंधन की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सभी की निगाहें आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आयोग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह नोटिस कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।