कानपुर के अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को मिली जमानत, 16 महीने बाद सोनभद्र जेल से आए बाहर
कानपुर के वकील धीरज उपाध्याय, जिन्हें दीनू के नाम से जाना जाता है, शनिवार को सोनभद्र जेल से रिहा हो गए। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहाई मिली है। दीनू पिछले 16 महीनों से जेल में बंद थे। उन पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनकी कानूनी प्रक्रिया जारी है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के चर्चित अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू को आखिरकार लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जेल से रिहाई मिल गई है। शनिवार को सोनभद्र जेल से बाहर आने के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है। दीनू पिछले 16 महीनों से सलाखों के पीछे थे।
अधिवक्ता दीनू उपाध्याय के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन पर कुल 23 आपराधिक मामले चल रहे हैं। इन मुकदमों के कारण उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था।
उनकी रिहाई का मुख्य आधार इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में जेल प्रशासन ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया।
दीनू उपाध्याय का नाम कानपुर के कानूनी और सामाजिक हलकों में काफी चर्चा में रहा है। उनके जेल जाने के बाद से ही उनके परिजन और समर्थक लगातार कानूनी राहत पाने के प्रयास में जुटे थे।
हालांकि, जेल से बाहर आने के बाद भी दीनू के लिए कानूनी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। उन पर दर्ज अन्य 23 मुकदमों की सुनवाई अदालतों में जारी रहेगी। उन्हें इन मामलों में भी अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
फिलहाल, रिहाई के बाद दीनू अपने घर लौट आए हैं। उनके वकील ने बताया कि हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से निकलने का रास्ता साफ हो गया था।
कानपुर पुलिस और प्रशासन की ओर से इन मामलों की निगरानी की जा रही है। दीनू उपाध्याय के खिलाफ दर्ज मुकदमों की स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।