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कानपुर के काजीखेड़ा में नशीले पदार्थों का कारोबार, स्थानीय लोगों ने दी 'गांजे वाली गली' की संज्ञा

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित काजीखेड़ा और कालीबाड़ी इलाके में गांजा, चरस और स्मैक की तस्करी बढ़ गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यहां दिनभर नशा करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में स्थित काजीखेड़ा और कालीबाड़ी इलाके इन दिनों नशीले पदार्थों के तस्करों का गढ़ बनते जा रहे हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने अब इस जगह को काजीखेड़ा के बजाय 'गांजे वाली गली' कहना शुरू कर दिया है।

इस इलाके में गांजा, चरस और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दिन भर इस गली में नशा करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नशा तस्करों की सक्रियता के कारण क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। दिन के उजाले में भी यहां नशा करने वालों की भीड़ देखी जा सकती है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस समस्या के कारण आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नशा करने वालों की मौजूदगी से महिलाओं और बच्चों का घर से बाहर निकलना भी असुरक्षित महसूस होता है।

प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय लोग लगातार इस अवैध कारोबार को बंद करने की मांग कर रहे हैं ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।

नशीले पदार्थों की लत के कारण युवा पीढ़ी भी गलत रास्ते पर जा रही है। इस गली में होने वाली गतिविधियों ने पूरे इलाके की छवि को प्रभावित किया है।

पुलिस प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि तस्करों के हौसले पस्त हो सकें। स्थानीय निवासियों की यह शिकायत प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि वे जल्द से जल्द इस पर ध्यान दें।

इस स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि काजीखेड़ा और कालीबाड़ी इलाके में नशा विरोधी अभियान की तत्काल आवश्यकता है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗