कानपुर के जेके कैंसर अस्पताल में खुले में बायोमेडिकल कचरा जलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
कानपुर स्थित जेके कैंसर अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है जिसमें परिसर के भीतर खुले में बायोमेडिकल कचरा जलाया जा रहा है। फुटेज में इस्तेमाल की गई सिरिंज, पट्टियां और दवाइयों की खाली शीशियां जलती हुई दिखाई दे रही हैं। इस घटना के बाद से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कचरे के इस तरह निपटान से स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के जेके कैंसर अस्पताल से जुड़ी एक चिंताजनक घटना सामने आई है। अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल कचरे को खुले में जलाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो ने स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि अस्पताल से निकलने वाले चिकित्सा अपशिष्ट को बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के खुले स्थान पर जलाया जा रहा है। इसमें इस्तेमाल की गई सिरिंज, पट्टियां और दवाइयों की खाली शीशियां शामिल हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कचरा अस्पताल के भीतर ही जलाया जा रहा था। खुले में इस तरह के खतरनाक कचरे को जलाने से न केवल आसपास के वातावरण में प्रदूषण फैलने का खतरा है, बल्कि यह संक्रमण फैलने का भी एक बड़ा कारण बन सकता है।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बायोमेडिकल कचरे के निपटान के लिए कड़े नियम निर्धारित हैं। इन नियमों के तहत कचरे को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करना अनिवार्य होता है ताकि मरीजों और आम जनता को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाया जा सके।
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद से अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इस कचरे को जलाने के लिए किसने निर्देश दिए थे और क्या इसके लिए कोई अधिकृत प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कैंसर अस्पताल जैसे संस्थान में इस तरह की लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं है।
फिलहाल, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। लोग अब इस बात की मांग कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारियों को इस मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।