कानपुर के पास तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव, एसी कोच की खिड़की का शीशा हुआ क्षतिग्रस्त
नई दिल्ली से पटना जा रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर शनिवार रात कानपुर सेंट्रल पहुंचने से पहले अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया। इस घटना से ट्रेन के एक एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया, जिससे यात्रियों में काफी डर का माहौल बन गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

शनिवार की रात नई दिल्ली से पटना की ओर रवाना हुई तेजस राजधानी एक्सप्रेस के साथ एक अप्रिय घटना घटी। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पहुंचने से ठीक पहले ट्रेन को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए। इस हमले के कारण ट्रेन के एक एसी कोच की खिड़की का कांच पूरी तरह से चटक गया।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, अचानक हुए इस पथराव से ट्रेन के अंदर बैठे यात्री बुरी तरह सहम गए। घटना के समय ट्रेन अपनी गति से चल रही थी, जिससे कांच के टूटने की आवाज ने यात्रियों में अफरा-तफरी मचा दी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
ट्रेन के कानपुर सेंट्रल पहुंचने के बाद यात्रियों ने इस घटना पर अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। रेलवे प्रशासन को इस मामले की जानकारी दी गई है। फिलहाल, इस बात की जांच की जा रही है कि पत्थर किसने और किस मंशा से फेंके थे।
रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन में जुट गई है। अक्सर चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन अब इस रूट पर निगरानी बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
इस घटना के बाद यात्रियों ने ट्रेनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। तेजस राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं यात्रियों के विश्वास को प्रभावित करती हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कानपुर सेंट्रल के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा कर्मियों को दें।
फिलहाल, ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया है, लेकिन इस घटना की दहशत यात्रियों के मन में बनी हुई है। पुलिस और रेलवे की टीमें अब इस क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की योजना बना रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
