कानपुर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की कैंटीन में खाद्य विभाग की छापेमारी, मिली भारी गंदगी
कानपुर के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के चार बड़े सरकारी अस्पतालों की कैंटीन में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हैलट, डफरिन, कांशीराम और अपर इंडिया जच्चा-बच्चा अस्पताल की कैंटीन में स्वच्छता संबंधी गंभीर खामियां पाई गईं। अधिकारियों ने खाने के नमूने एकत्र किए हैं और ड्रेनेज लीकेज जैसी समस्याओं पर नाराजगी जताई है। विभाग की इस कार्रवाई से अस्पताल परिसरों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बृहस्पतिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की कैंटीन का निरीक्षण किया। इस अभियान के तहत हैलट अस्पताल, डफरिन अस्पताल, कांशीराम अस्पताल और अपर इंडिया जच्चा-बच्चा अस्पताल की कैंटीनों को जांच के दायरे में लिया गया।
अधिकारियों की टीम ने इन कैंटीनों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के लिए मौके पर ही नमूने लिए। इन नमूनों को अब प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों और उनके तीमारदारों को परोसा जाने वाला भोजन सुरक्षित है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान टीम को कैंटीन परिसरों में कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिलीं। सबसे बड़ी समस्या स्वच्छता के स्तर को लेकर सामने आई, जहां कैंटीन के भीतर काफी गंदगी पाई गई। इसके अलावा, ड्रेनेज सिस्टम में लीकेज की समस्या भी अधिकारियों के संज्ञान में आई है।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कैंटीन में इस तरह की गंदगी और अव्यवस्था मिलना स्वास्थ्य मानकों के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। विभाग के अधिकारियों ने इन खामियों को गंभीरता से लिया है और संबंधित संचालकों को सुधार के निर्देश दिए हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। अस्पताल प्रशासन को भी इन कैंटीनों की नियमित निगरानी करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि मरीजों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।
फिलहाल, विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कैंटीन संचालकों पर सख्त जुर्माना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
यह औचक निरीक्षण शहर के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी एक चेतावनी है। प्रशासन का कहना है कि मरीजों को मिलने वाले भोजन की शुद्धता और स्वच्छता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी।