कानपुर के मकड़ीखेड़ा में जलभराव से 50 हजार लोग परेशान, रिहायशी इलाकों में देखे गए मगरमच्छ
कानपुर के मकड़ीखेड़ा में नाले की अधूरी सफाई और निर्माण कार्य ठप होने से करीब 50 हजार लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। अग्निहोत्रनगर और आइसक्रीम वाली गली सहित कई इलाकों में तीन दिनों से पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब रिहायशी इलाकों में मगरमच्छ देखे गए।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के मकड़ीखेड़ा क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों के लिए संकट पैदा कर दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन दिनों से करीब 50 हजार की आबादी पानी की निकासी न होने के कारण भारी परेशानी का सामना कर रही है।
इस समस्या का मुख्य कारण नालों की अधूरी सफाई और पिछले दो वर्षों से निर्माण कार्य का रुका होना बताया जा रहा है। जलभराव के कारण अग्निहोत्रनगर और आइसक्रीम वाली गली जैसे रिहायशी इलाके पूरी तरह से प्रभावित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक हजार मकानों में पानी भर गया है, जिससे उनका दैनिक जीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। घरों के भीतर पानी घुसने से लोगों को अपने सामान और सुरक्षा की चिंता सता रही है।
स्थिति की भयावहता तब और बढ़ गई जब स्थानीय निवासियों ने रिहायशी इलाकों में मगरमच्छ देखे। पानी के साथ आए इन सरीसृपों ने लोगों के बीच दहशत फैला दी है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका आरोप है कि लंबे समय से चल रही निर्माण कार्यों की लापरवाही और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण आज उन्हें इस नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस जलभराव को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी डर बना हुआ है।
अधिकारियों को इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की आवश्यकता है ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके और निवासियों को मगरमच्छों के खतरे से बचाया जा सके।