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कानपुर के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दिवाकर चक्रवर्ती को अमेरिकी यूनिवर्सिटी से मिली मानद उपाधि

कानपुर के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. दिवाकर चक्रवर्ती प्रजापति को अमेरिका की सीडरब्रुक यूनिवर्सिटी ने मानद उपाधि से सम्मानित किया है। उन्हें यह सम्मान बेटियों की शिक्षा, उनकी सुरक्षा और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए उनके सराहनीय कार्यों के लिए दिया गया है। इस उपलब्धि से शहर में खुशी का माहौल है और लोग उनके योगदान की सराहना कर रहे हैं।

कानपुर के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि शहर के एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। डॉ. दिवाकर चक्रवर्ती प्रजापति को अमेरिका की सीडरब्रुक यूनिवर्सिटी द्वारा मानद उपाधि प्रदान की गई है। यह सम्मान उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

डॉ. चक्रवर्ती मुख्य रूप से बेटियों की शिक्षा और उनकी सुरक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से कई परिवारों को प्रेरित किया है और सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सीडरब्रुक यूनिवर्सिटी ने उनके सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें इस उपाधि से नवाजने का निर्णय लिया। यह सम्मान न केवल डॉ. चक्रवर्ती के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह कानपुर के सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी एक प्रेरणा है।

डॉ. दिवाकर चक्रवर्ती ने अपने काम को हमेशा प्राथमिकता दी है। उनका मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए शिक्षा और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने अपनी गतिविधियों के जरिए समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचने का प्रयास किया है।

इस सम्मान के बाद डॉ. चक्रवर्ती ने कहा कि यह उपाधि उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय उन सभी लोगों को दिया है जो उनके सामाजिक कार्यों में सहयोग करते रहे हैं।

शहर के प्रबुद्ध वर्ग और अन्य सामाजिक संगठनों ने डॉ. चक्रवर्ती को इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई दी है। लोगों का कहना है कि उनके जैसे निस्वार्थ भाव से काम करने वाले लोगों को वैश्विक स्तर पर सराहा जाना बहुत जरूरी है।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि इरादे नेक हों और कार्य समाज के हित में हो, तो उसे वैश्विक स्तर पर भी मान्यता मिलती है। डॉ. चक्रवर्ती का भविष्य का लक्ष्य भी इसी तरह के सामाजिक कार्यों को और अधिक विस्तार देना है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗