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कानपुर के सीएसजेएमयू में 'जज्बात' कॉन्सर्ट का आयोजन, सुरों और शब्दों ने श्रोताओं का मन मोह लिया

कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में शनिवार को 'जज्बात' कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में गजल, कविता और शास्त्रीय संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रतिभा सिंह बघेल, स्वयं और मनिका जैसे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह शाम संगीत और साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।

कानपुर के सीएसजेएमयू में 'जज्बात' कॉन्सर्ट का आयोजन, सुरों और शब्दों ने श्रोताओं का मन मोह लिया
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Steven Pisano · CC BY 2.0 · Openverse

कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का सभागार शनिवार की शाम संगीत और साहित्य के रंगों से सराबोर रहा। यहाँ आयोजित 'जज्बात' कॉन्सर्ट ने उपस्थित श्रोताओं के दिलों को गहराई से छू लिया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम गजल, कविता और शास्त्रीय संगीत का एक अनूठा मिश्रण था।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर कलाकारों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। प्रतिभा सिंह बघेल, स्वयं और मनिका ने अपनी गायकी और प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनकी कलाकारी ने सभागार में मौजूद हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गजल की मखमली आवाज और कविताओं के गहरे अर्थों ने शाम को और भी खुशनुमा बना दिया। शास्त्रीय संगीत की धुनों ने माहौल में एक अलग ही गंभीरता और सुंदरता घोल दी। श्रोताओं ने कलाकारों की हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत और साहित्य प्रेमी शामिल हुए। 'जज्बात' कॉन्सर्ट का उद्देश्य कला के विभिन्न रूपों को एक मंच पर लाना था, जिसमें आयोजक पूरी तरह सफल रहे।

कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त किया, जो सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंचीं। प्रतिभा सिंह बघेल की गायकी ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, स्वयं और मनिका की जुगलबंदी ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

यह शाम न केवल मनोरंजन का जरिया बनी, बल्कि कला के प्रति लोगों के लगाव को भी दर्शाती है। सीएसजेएमयू में आयोजित इस कार्यक्रम की चर्चा शहर के कला प्रेमियों के बीच काफी हो रही है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह आयोजन संगीत और शब्दों के मेल का एक बेहतरीन उदाहरण था। आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रमों की उम्मीद की जा रही है, जो शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को और समृद्ध बनाएंगे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗