कानपुर के हर्षनगर में फिर धंसा डॉट नाला, सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त, आवागमन प्रभावित
कानपुर के हर्षनगर इलाके में डॉट नाला फिर से धंस गया है, जिससे वहां 25 फीट लंबा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 27 अगस्त को शुरू हुई यह समस्या मंगलवार को और बढ़ गई। अब सड़क का केवल दो फीट हिस्सा ही सुरक्षित बचा है, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए खतरा और आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है।
कानपुर के हर्षनगर क्षेत्र में डॉट नाला धंसने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मंगलवार को नाले का एक और हिस्सा धंस गया, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह नाला पहले 27 अगस्त को धंसा था, लेकिन अब इसमें और अधिक विस्तार हो गया है।
ताजा जानकारी के अनुसार, नाला करीब आठ फीट और धंस गया है, जिसके परिणामस्वरूप वहां 25 फीट लंबा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। इस बड़े कटाव के कारण सड़क का बहुत कम हिस्सा सुरक्षित बचा है। वर्तमान में वहां आवागमन के लिए केवल दो फीट सड़क ही शेष है, जो किसी भी समय और अधिक धंसने का खतरा पैदा कर रही है।
सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थानीय लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। यह इलाका घनी आबादी वाला है, और सड़क का इस तरह धंसना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा जोखिम है। वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए यह मार्ग अब अत्यंत खतरनाक हो गया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन को इस स्थिति की जानकारी है। हालांकि, नाले के बार-बार धंसने से मरम्मत कार्य में भी बाधाएं आ रही हैं। स्थानीय लोग अब जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
हर्षनगर में नाले के धंसने की यह घटना बुनियादी ढांचे की कमजोरी को भी दर्शाती है। बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन इस बार स्थिति अधिक विकट है।
प्रशासनिक अधिकारियों को इस क्षेत्र की निगरानी करने और तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता है। गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाना जरूरी है ताकि कोई अनहोनी न हो।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की मरम्मत नहीं की गई, तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी पूरी तरह से खत्म हो सकता है। इससे पूरी सड़क का संपर्क कट जाएगा और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
