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कानपुर के हिरनी गांव में मकान गिरने से चार लोगों की मौत, मुआवजे की मांग पर अड़ा पीड़ित परिवार

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के साढ़ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दो मंजिला कच्चा मकान ढहने से एक पिता और उसकी तीन बेटियों की जान चली गई। इस दुखद घटना के बाद शोक में डूबा परिवार मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहा है। प्रशासन और स्थानीय लोग स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार को उचित सहायता मिल सके।

कानपुर के साढ़ थाना अंतर्गत हिरनी गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक दो मंजिला कच्चे मकान के अचानक गिर जाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में एक पिता और उनकी तीन बेटियां शामिल हैं। इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहा है।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन इसके बाद की स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन के सामने मुआवजे की मांग रखी है। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित आर्थिक सहायता नहीं मिल जाती, वे चारों शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस जिद के कारण गांव में चार अर्थियां एक साथ रखी हुई हैं, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। परिवार का कहना है कि इस कठिन समय में उन्हें सरकारी मदद की सख्त जरूरत है।

स्थानीय प्रशासन के अधिकारी परिवार को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वे उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश में हैं कि सरकार की ओर से हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, परिवार अपनी मांगों पर अडिग है और अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर रहा है। प्रशासन के लिए इस समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परिवार की भावनाओं को समझना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

हिरनी गांव के लोग भी इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। ग्रामीणों का मानना है कि कच्चा मकान होने के कारण यह हादसा हुआ, जिसकी पहले से आशंका जताई जा रही थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस तरह के जर्जर मकानों की समय रहते पहचान की गई थी। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

फिलहाल, गांव में मातम का माहौल है। चार लोगों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। अधिकारी लगातार परिवार के सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की जा सके और उन्हें सांत्वना दी जा सके।

इस मामले में आगे की कार्रवाई मुआवजे की घोषणा पर निर्भर करती है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोई समाधान निकलेगा। तब तक, हिरनी गांव का यह परिवार अपनों को खोने के गम और मुआवजे की उम्मीद के बीच संघर्ष कर रहा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗