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कानपुर: गौआश्रय स्थल में बदहाली की तस्वीरें, शवों को नोंचते मिले कुत्ते, प्रशासन पर उठे सवाल

कानपुर के भीतरगांव विकास खंड में स्थित बेहटा-गंभीरपुर गौआश्रय स्थल से विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यहां गोवंश के शवों को कुत्ते नोंचते हुए पाए गए हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलते हैं। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है और गौआश्रय स्थल के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित भीतरगांव विकास खंड के बेहटा-गंभीरपुर गौआश्रय स्थल से सामने आई तस्वीरें बेहद भयावह और इंसानियत को झकझोरने वाली हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गौआश्रय स्थल में गोवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। वहां की अव्यवस्था का आलम यह है कि मृत गोवंश के शवों को कुत्ते नोंचते हुए देखे गए हैं।

यह घटना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है। गौआश्रय स्थल, जिसे बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए बनाया गया था, वहां की ऐसी स्थिति ने स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। तस्वीरों में दिख रहे दृश्य सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। गौआश्रय स्थल के प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पशुओं की देखभाल में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। क्या वहां पशु चिकित्सकों की कमी है या संसाधनों का अभाव, यह जांच का विषय है।

गोवंश के शवों का इस तरह खुले में पड़े होना न केवल संवेदनहीनता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। आसपास के ग्रामीणों ने भी इस बदहाली पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से यहां पशुओं की देखरेख में लापरवाही बरती जा रही थी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के दौरान सामने आए ये दृश्य प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी हैं। गौआश्रय स्थल की बदहाली ने पशु कल्याण के सरकारी दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗