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कानपुर चिड़ियाघर में बारिश के बाद फैली बीमारी, दो काले हिरणों की हुई दर्दनाक मौत

कानपुर चिड़ियाघर में हालिया बारिश के बाद टॉक्सीनिया बीमारी ने दो काले हिरणों की जान ले ली है। मृत नर और मादा हिरण के विसरा के नमूनों को जांच के लिए बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है ताकि अन्य जानवरों को सुरक्षित रखा जा सके।

कानपुर चिड़ियाघर में बारिश के बाद एक दुखद घटना सामने आई है, जहां टॉक्सीनिया बीमारी के कारण दो काले हिरणों की मृत्यु हो गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मरने वाले जानवरों में एक नर और एक मादा हिरण शामिल हैं। बारिश के बाद फैली इस बीमारी ने चिड़ियाघर प्रशासन को चिंता में डाल दिया है।

चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बताया कि बीमारी के लक्षणों को देखते हुए तुरंत पशु चिकित्सकों की टीम को सक्रिय किया गया था। हालांकि, उपचार के बावजूद दोनों हिरणों को बचाया नहीं जा सका। यह घटना चिड़ियाघर में जानवरों के स्वास्थ्य और उनके बाड़ों की स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

घटना के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए मृत जानवरों के विसरा के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच और बीमारी की सटीक पुष्टि के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के फैलने के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।

चिड़ियाघर प्रबंधन ने अन्य जानवरों की निगरानी बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में अक्सर नमी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए बाड़ों में विशेष साफ-सफाई और कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।

फिलहाल, चिड़ियाघर के डॉक्टर स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। किसी भी अन्य जानवर में बीमारी के लक्षण न दिखें, इसके लिए विशेष आहार और दवाओं का प्रबंध किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि बरेली से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। तब तक चिड़ियाघर में जानवरों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

यह घटना वन्यजीवों के संरक्षण और उनके आवास की सुरक्षा के प्रति चिड़ियाघर प्रशासन की जिम्मेदारी को फिर से रेखांकित करती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग भी इस मामले में पूरी जानकारी ले रहे हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗