कानपुर: जाजमऊ स्थित सैकरीन फैक्टरी पर यूपी पीसीबी का छापा, भूगर्भ जल के नमूने लिए
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) की एक टीम ने कानपुर के जाजमऊ इलाके में स्थित एक सैकरीन फैक्टरी पर छापेमारी की। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पांच सदस्यीय टीम ने फैक्टरी परिसर का निरीक्षण किया और जांच के लिए भूगर्भ जल के नमूने एकत्र किए। इस कार्रवाई का उद्देश्य औद्योगिक प्रदूषण और जल गुणवत्ता मानकों की जांच करना है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के जाजमऊ औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। बोर्ड के मुख्यालय से आई पांच सदस्यीय टीम ने क्षेत्र में स्थित एक सैकरीन फैक्टरी पर छापा मारा। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य फैक्टरी द्वारा पर्यावरण नियमों के पालन और जल प्रदूषण की स्थिति की जांच करना था।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने फैक्टरी परिसर के भीतर विभिन्न स्थानों का मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों ने फैक्टरी से निकलने वाले अपशिष्ट और उसके आसपास के भूगर्भ जल की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा ताकि यह पता चल सके कि क्या फैक्टरी से भूजल प्रदूषित हो रहा है।
जाजमऊ क्षेत्र में कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, और अक्सर यहां प्रदूषण को लेकर शिकायतें मिलती रहती हैं। यूपी पीसीबी की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। टीम ने फैक्टरी के रिकॉर्ड और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यक्षमता की भी समीक्षा की।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार के उल्लंघन या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित फैक्टरी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि औद्योगिक कचरे का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए।
स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से भूजल के दूषित होने की चिंता जताई है। इस छापेमारी से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। फैक्टरी प्रबंधन से भी टीम ने पूछताछ की और आवश्यक दस्तावेज मांगे।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फैक्टरी पर किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह कार्रवाई औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आने वाले समय में अन्य फैक्ट्रियों में भी इसी तरह के निरीक्षण किए जा सकते हैं ताकि जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने अपनी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिसर से प्रस्थान किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।