कानपुर धर्मांतरण मामला: जांच समिति पर साजिश का आरोप, रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज
कानपुर के कैंट इलाके के एक प्रतिष्ठित स्कूल में छात्र के धर्मांतरण से जुड़े पुराने मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी विवादों में घिर गई है। कमेटी के सदस्यों पर आपराधिक साजिश रचने और कानूनी प्रक्रिया में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद एक सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी सहित कुल 11 व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के कैंट क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख विद्यालय में छात्र के धर्मांतरण से संबंधित एक पुराने मामले की जांच के लिए गठित समिति अब खुद जांच के दायरे में आ गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस समिति के सदस्यों पर आपराधिक साजिश रचने और मामले की कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में पुलिस ने एक सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी को नामजद करते हुए कुल 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि जांच समिति ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच को बाधित करने का प्रयास किया।
धर्मांतरण का यह मामला काफी समय से चर्चा में रहा है। विद्यालय परिसर में हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश पैदा किया था, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया था।
अब इस समिति के सदस्यों पर ही गंभीर आरोप लगने से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच समिति पर लगे आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या वाकई समिति ने किसी सुनियोजित साजिश के तहत काम किया था।
कानपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रखी जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है।