कानपुर नगर निगम टेंडर घोटाला: दस्तावेजों की अनदेखी कर फर्म पंजीकरण करने पर मुख्य अभियंता पर कार्रवाई तय
कानपुर नगर निगम में हुए टेंडर घोटाले की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिना आवश्यक दस्तावेजों की जांच किए ही फर्मों को पंजीकृत कर दिया गया था। इस मामले में अब अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता मो. एसएफए जैदी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होने की पूरी संभावना है। प्रशासन इस अनियमितता को लेकर गंभीर है और जल्द ही जवाबदेही तय की जाएगी।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया के दौरान हुए कथित घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में अभियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में यह पाया गया है कि संबंधित फर्मों का पंजीकरण करते समय नियमों को ताक पर रखा गया और उनके अभिलेखों का उचित परीक्षण तक नहीं किया गया।
इस गंभीर अनियमितता के लिए अब मुख्य अभियंता मो. एसएफए जैदी को जिम्मेदार माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ कार्रवाई होना लगभग निश्चित है। नगर निगम प्रशासन इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और जल्द ही विभागीय स्तर पर दंड की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
टेंडर घोटाले की यह घटना निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल उठाती है। बिना दस्तावेजों की पुष्टि के फर्मों को पंजीकृत करने से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई थी। अब प्रशासन इस बात की भी समीक्षा कर रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में इन फर्मों को मंजूरी दी गई थी।
आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है। मुख्य अभियंता पर गाज गिरने की खबर के बाद विभाग के अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की फाइलें खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता चल सके कि इस प्रक्रिया में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे। जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही अन्य संबंधित कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। नगर निगम की छवि सुधारने के लिए अब प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है।