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कानपुर: बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद गंगा चेतावनी स्तर से नीचे

कानपुर बैराज से मंगलवार सुबह 3.09 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। प्रशासन नदियों के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और चेतावनी बिंदु से नीचे जलस्तर होने से राहत है।

कानपुर में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच मंगलवार की सुबह एक बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने की खबर सामने आई। कानपुर बैराज से कुल 3,09,365 क्यूसेक पानी गंगा नदी में प्रवाहित किया गया। इतनी भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद भी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे ही बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

पिछले कुछ दिनों से नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसी के मद्देनजर बैराज प्रबंधन ने पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से बचा जा सके।

गंगा नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं। जलस्तर की हर घंटे की रिपोर्ट ली जा रही है ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद भी जलस्तर का चेतावनी बिंदु से नीचे रहना यह दर्शाता है कि नदी की धारण क्षमता अभी सुरक्षित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट पर रखी गई हैं।

स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के किनारों पर अनावश्यक रूप से न जाएं। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल, गंगा का जलस्तर स्थिर है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗