कानपुर मर्डर मिस्ट्री: आरोपी के बार-बार बदलते बयानों और 'टि्वंकल' नाम के खुलासे से उलझी जांच
कानपुर के रावतपुर में हुए एक हत्या और लूट के मामले में जांच एक जटिल मोड़ पर पहुंच गई है। आरोपी ने पहले अपनी मां की हत्या करने की बात स्वीकार की, लेकिन बाद में अपना बयान बदल लिया। गहनों को पलंग के दीवान में छिपाने और फिर लूट की बात से इनकार करने जैसे विरोधाभासी बयानों ने पुलिस के लिए इस केस को 'दृश्यम' फिल्म की तरह उलझा दिया है। अब 'टि्वंकल' नाम के एक नए किरदार के सामने आने से जांच और पेचीदा हो गई है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के रावतपुर इलाके में हुई हत्या और लूट की घटना ने पुलिस को उलझन में डाल दिया है। इस मामले में आरोपी के बयानों में लगातार आ रहे बदलावों ने जांच को एक पहेली बना दिया है। आरोपी ने पहले अपनी मां की हत्या करने का जुर्म कबूल किया था, लेकिन बाद में वह अपने ही बयान से पलट गया।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने पहले दावा किया था कि उसने गहने पलंग के दीवान में छिपाए हैं। हालांकि, बाद में उसने यह कहने से इनकार कर दिया कि उसने गहने लूटे हैं। बयानों में इस तरह की विरोधाभासी बातें पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं।
जांच अधिकारियों ने इस मामले की तुलना 'दृश्यम' फिल्म की कहानी से की है, जहां हर मोड़ पर एक नया रहस्य सामने आता है। आरोपी का व्यवहार और उसके बदलते बयान पुलिस को गुमराह करने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।
इस बीच, जांच के दौरान 'टि्वंकल' नाम के एक नए व्यक्ति का जिक्र सामने आया है। इस नाम के सामने आने से मर्डर मिस्ट्री और अधिक जटिल हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में टि्वंकल की क्या भूमिका है और क्या वह हत्या या लूट से जुड़ा है।
पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि बयानों की सच्चाई का पता लगाया जा सके। फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि आरोपी के दावों की पुष्टि की जा सके।
रावतपुर की इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयानों में निरंतरता न होने के कारण जांच में समय लग रहा है। जल्द ही सभी कड़ियों को जोड़कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि क्या आरोपी किसी के दबाव में है या वह खुद ही जांच को भटकाने का प्रयास कर रहा है। टि्वंकल के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।