कानपुर में चाइनीज मांझे का कहर: जिम से लौट रही महिला कोच का गला हुआ जख्मी
कानपुर के फूलबाग चौराहे पर एक महिला जिम कोच चाइनीज मांझे की चपेट में आ गईं। बुधवार शाम को ट्रेनिंग के बाद स्कूटी से घर लौटते समय यह हादसा हुआ। गनीमत रही कि हेलमेट पहने होने के कारण उनका चेहरा सुरक्षित रहा। स्थानीय स्तर पर इस खतरनाक मांझे के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई जा रही है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर में बुधवार की शाम एक दुखद घटना सामने आई, जिसमें एक महिला जिम कोच चाइनीज मांझे का शिकार हो गईं। फूलबाग चौराहे से गुजरते समय यह हादसा हुआ, जब वह अपनी ट्रेनिंग पूरी करके स्कूटी से घर वापस जा रही थीं। अचानक पतंग के घातक धागे ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह घायल हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला कोच निधि अपनी दिनचर्या के अनुसार जिम से निकलकर घर की ओर बढ़ रही थीं। जैसे ही वह फूलबाग इलाके में पहुंचीं, हवा में लहराते चाइनीज मांझे ने उनके गले को निशाना बनाया। इस धागे की धार इतनी तेज थी कि वह तुरंत चोटिल हो गईं।
इस घटना में राहत की बात यह रही कि महिला ने हेलमेट पहन रखा था। हेलमेट के कारण उनका चेहरा गंभीर चोटों से बच गया, अन्यथा स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। हेलमेट ने एक सुरक्षा कवच की तरह काम किया, जिससे उनके चेहरे पर मांझा नहीं लगा।
चाइनीज मांझे का उपयोग प्रतिबंधित होने के बावजूद शहर में इसके इस्तेमाल की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह धागा न केवल पक्षियों के लिए घातक है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इसके खुलेआम इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग उठ रही है।
घायल महिला कोच को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। इस तरह की घटनाएं शहर में सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।
कानपुर के लोग अब इस खतरनाक मांझे के खिलाफ और अधिक सख्ती की उम्मीद कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।