कानपुर में जलभराव से हाहाकार: 25 मोहल्लों में एक सप्ताह से कैद हैं 50 हजार लोग
कानपुर के करीब 25 मोहल्लों में पिछले एक सप्ताह से भारी जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मकड़ीखेड़ा, अग्निहोत्रीनगर और सुख्खूपुरवा सहित कई इलाकों में 50 हजार से अधिक लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। स्थिति बिगड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर शहर के कई इलाके पिछले एक सप्ताह से भीषण जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। मकड़ीखेड़ा, अग्निहोत्रीनगर, सुख्खूपुरवा, ख्योरा, धुन्नूपुरवा और पहलवान पुरवा जैसे क्षेत्रों सहित कुल 25 मोहल्लों में पानी भरने से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं और उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी गलियों और घरों में घुस गया है। एक सप्ताह से जारी इस समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। जलभराव के कारण सड़कों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लंबे समय तक प्रशासन की चुप्पी के बाद, जब हालात बदतर हो गए, तब जाकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। लोगों का आरोप है कि समय रहते जल निकासी के इंतजाम किए जाते तो आज यह नौबत नहीं आती। अब जब लोग जलभराव में फंसे हुए हैं, तब जाकर जिम्मेदार अधिकारियों ने जमीन पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया है।
प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गंदा पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकालने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल निकासी के लिए पंपिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। हालांकि, लोग अभी भी राहत का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि पानी का स्तर अभी भी काफी अधिक बना हुआ है।
यह स्थिति शहर के बुनियादी ढांचे की खामियों को उजागर करती है। हर साल बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या कानपुर के कई इलाकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है। निवासियों का कहना है कि केवल दौरे करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।
फिलहाल, प्रभावित मोहल्लों में प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उन्हें इस जलभराव से मुक्ति मिलेगी और वे अपने सामान्य जीवन में वापस लौट सकेंगे। प्रशासन ने भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने का दावा किया है।