कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे को लेकर किसान परेशान, 15 दिन से लगा रहे चक्कर
उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित नर्वल तहसील में डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के लिए अपनी जमीन सौंपने वाले 60 किसान मुआवजे के इंतजार में हैं। रजिस्ट्री पूरी होने के 15 दिन बाद भी किसानों को भुगतान नहीं मिला है। अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए ये किसान लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनके बैंक खातों में कोई राशि नहीं पहुंची है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर की नर्वल तहसील में डिफेंस कॉरिडोर औद्योगिक परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसान इस समय भारी संकट का सामना कर रहे हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 60 किसानों ने अपनी जमीन का बैनामा आधिकारिक रूप से पूरा कर दिया है, लेकिन उन्हें अब तक इसका मुआवजा नहीं मिल सका है।
जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी किसानों के हाथों में भुगतान नहीं पहुंचा है। इस प्रक्रिया को संपन्न हुए 15 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। अपनी जमीन खोने के बाद किसान अब मुआवजे की राशि के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन पर भरोसा कर अपनी भूमि सौंप दी थी, लेकिन भुगतान में हो रही देरी ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। रजिस्ट्री के बाद भी उनके बैंक खातों में एक रुपया भी जमा नहीं हुआ है, जिससे वे आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।
अधिकारियों के पास बार-बार जाने के बावजूद किसानों को अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। समय पर भुगतान न मिलने से किसानों में आक्रोश और निराशा का माहौल है। वे अपनी मेहनत की कमाई के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
डिफेंस कॉरिडोर जैसी बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान अनिवार्य होता है। हालांकि, इस मामले में किसानों को हो रही देरी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसान अब जल्द से जल्द अपने मुआवजे के भुगतान की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपनी आगे की जरूरतों को पूरा कर सकें। अभी तक इस मामले में किसी भी अधिकारी की ओर से भुगतान की स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है।
इस स्थिति के कारण नर्वल क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के सामने कई तरह की समस्याएं खड़ी हो गई हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप करेगा और उनके लंबित भुगतान को जारी करेगा।