ताज़ा अपडेटकानपुर में परिवहन विभाग के दो अधिकारी निलंबित, छापेमारी के दौरान सामने आई थी गंभीर अनियमितताएं
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

कानपुर में परिवहन विभाग के दो अधिकारी निलंबित, छापेमारी के दौरान सामने आई थी गंभीर अनियमितताएं

उत्तर प्रदेश के कानपुर में परिवहन विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों, एआरटीओ आलोक कुमार और एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभाग के कार्यालय में हाल ही में की गई छापेमारी के बाद की गई है, जिसमें कामकाज में कई तरह की गड़बड़ियां और अनियमितताएं पाई गई थीं। उच्च अधिकारियों ने जांच के आधार पर यह सख्त कदम उठाया है।

कानपुर परिवहन विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब दो वरिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी। एआरटीओ आलोक कुमार और एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई विभाग के भीतर प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से की गई है।

निलंबन का मुख्य कारण हाल ही में परिवहन कार्यालय में की गई औचक छापेमारी है। इस दौरान जांच टीम को दफ्तर के कामकाज में कई गंभीर अनियमितताएं मिली थीं। इन खामियों के सामने आने के बाद उच्च स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे।

सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली और फाइलों के रखरखाव में नियमों की अनदेखी देखी गई थी। विभाग के कामकाज में पारदर्शिता की कमी और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन न करना इन अधिकारियों के निलंबन का आधार बना है।

परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप की स्थिति है।

फिलहाल, निलंबन की अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को विभागीय जांच का सामना करना होगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही भविष्य में उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह घटना सरकारी कार्यालयों में कामकाज की गुणवत्ता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। कानपुर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परिवहन विभाग के इस कदम से आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए सरकार सख्त रुख अपना रही है। कार्यालय में अब कामकाज को सुचारू बनाने के लिए नई व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗