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कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ा, 16 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, गोपालनगर के मौजा जरौली में नदी का पानी घुसने के बाद प्रशासन ने 16 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। पिछले दिनों आई बाढ़ का पानी पूरी तरह से उतर भी नहीं पाया था कि नदी के फिर से उफनाने से स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले दिनों आई बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह से सूखा भी नहीं था कि नदी ने फिर से अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नदी के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि से कई बस्तियों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नदी का पानी गोपालनगर की आबादी वाले क्षेत्र मौजा जरौली में घुस गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों से 16 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

नदी के किनारे बसे लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित बस्तियों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद वे अपने घरों की मरम्मत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन नदी के फिर से उफनाने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के खेतों में भी पानी भर गया है, जिससे किसानों को भी भारी नुकसान की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के तटवर्ती इलाकों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नदी का जलस्तर कम होने तक राहत और बचाव कार्य जारी रहेंगे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗