कानपुर में पानी की किल्लत से परेशान महिलाओं ने जलकल विभाग के अधिकारियों को घेरा
कानपुर के अफीमकोठी इलाके में जल आपूर्ति ठप होने से नाराज महिलाओं ने जलकल विभाग के अधिकारियों का घेराव कर हंगामा किया। जीटी रोड पर डॉट नाला धंसने के कारण पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे जोन-5 के कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से पानी की भारी किल्लत है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के अफीमकोठी क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति बाधित होने के कारण परेशान महिलाओं ने जलकल जोन-5 के अधिकारियों को घेर लिया और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जीटी रोड पर स्थित डॉट नाला के धंसने के कारण मुख्य पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस तकनीकी खराबी के चलते जोन-5 के अंतर्गत आने वाले कई इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार न होने से लोगों का धैर्य जवाब दे गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। महिलाओं ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर कब तक उन्हें पानी के बिना रहना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की किल्लत के कारण उनके दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें पीने के पानी के लिए भी दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि नाला धंसने के कारण पाइपलाइन की मरम्मत का काम चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिसके कारण जलापूर्ति बहाल करने में देरी हो रही है। हालांकि, प्रदर्शनकारी महिलाएं तुरंत समाधान की मांग पर अड़ी रहीं और अधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
इस क्षेत्र में पानी की समस्या काफी पुरानी बताई जा रही है, लेकिन नाला धंसने की घटना ने इसे और गंभीर बना दिया है। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू किया जाता, तो उन्हें इतनी बड़ी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ता। प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है।
फिलहाल, जलकल विभाग के कर्मचारी क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। लेकिन जब तक पानी की आपूर्ति बहाल नहीं होती, तब तक लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
यह घटना शहर के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को भी उजागर करती है। जीटी रोड जैसे व्यस्त इलाके में नाला धंसने और पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से यातायात और जनजीवन दोनों पर असर पड़ा है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।