कानपुर में पैर टूटने के बाद असहनीय दर्द से जूझ रहे 85 वर्षीय बुजुर्ग ने की आत्महत्या
कानपुर के नरवल गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 85 वर्षीय प्रताप सिंह ने पैर टूटने के बाद हो रहे लगातार दर्द से तंग आकर अपनी जान दे दी। शनिवार देर रात उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उनकी पत्नी विमला देवी ने छत पर उनका शव लटका हुआ देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के नरवल गांव में एक बुजुर्ग की आत्महत्या का मामला सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 85 वर्षीय प्रताप सिंह पिछले कुछ समय से अपने टूटे हुए पैर के कारण गंभीर शारीरिक पीड़ा से गुजर रहे थे। इस निरंतर दर्द ने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था।
घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, बुजुर्ग ने दर्द से राहत न मिलने के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने घर की छत पर जाकर पिलर के सहारे फंदा लगा लिया।
अगली सुबह जब उनकी पत्नी विमला देवी छत पर पहुंचीं, तो उन्होंने अपने पति का शव फंदे से लटका हुआ पाया। इस दृश्य को देखकर वह स्तब्ध रह गईं और उन्होंने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बुजुर्ग की उम्र और उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीण इस बात से काफी आहत हैं कि वे इतने लंबे समय से अकेले ही इस पीड़ा को झेल रहे थे।
पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
यह घटना समाज में बुजुर्गों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। परिवार के लोग इस समय गहरे सदमे में हैं और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के आधार पर, यह स्पष्ट है कि शारीरिक अक्षमता और उसके कारण होने वाली पीड़ा ने बुजुर्ग को इस चरम कदम तक पहुंचा दिया। प्रशासन और स्थानीय लोग इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।