ताज़ा अपडेटकानपुर में बारिश ने तोड़ा 55 साल का रिकॉर्ड, दो दिनों में हुई मूसलाधार वर्षा
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कानपुर में बारिश ने तोड़ा 55 साल का रिकॉर्ड, दो दिनों में हुई मूसलाधार वर्षा

कानपुर में सितंबर के महीने में पिछले 55 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर के शुरुआती 48 घंटों में 133.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह पहली बार है जब इतने कम समय में इतनी अधिक वर्षा हुई है, जिससे शहर में मौसम का नया रिकॉर्ड बन गया है।

कानपुर में इस बार सितंबर का महीना रिकॉर्ड तोड़ बारिश के साथ शुरू हुआ है। शहर में पिछले 48 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले 55 वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह एक दुर्लभ घटना है जिसने शहर के मौसम के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है। विभाग के अनुसार, सितंबर के शुरुआती दो दिनों में कुल 133.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इतने कम समय में इतनी भारी मात्रा में वर्षा होना असामान्य माना जा रहा है।

इस रिकॉर्ड बारिश के कारण शहर के जनजीवन पर भी असर पड़ा है। सड़कों पर जलभराव और यातायात में बाधा जैसी समस्याएं देखी गई हैं। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश मानसून की सक्रियता का परिणाम है। पिछले पांच दशकों में सितंबर के महीने में ऐसी बारिश देखने को नहीं मिली थी। यह बदलाव पर्यावरण और स्थानीय जलवायु के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने जानकारी साझा की है। हालांकि, अभी तक किसी बड़ी चेतावनी का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के इस दौर ने शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज कराई है।

कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश मिश्रित परिणाम लेकर आई है। जहां कुछ फसलों को पानी की आवश्यकता थी, वहीं अत्यधिक जलभराव से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

शहरवासी इस अप्रत्याशित मौसम का अनुभव कर रहे हैं। पिछले 55 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ना यह दर्शाता है कि मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव आ रहे हैं। प्रशासन ने जल निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗