कानपुर में रोडवेज बसों की बदहाली से यात्री परेशान, चालक-परिचालकों ने किया जोरदार हंगामा
कानपुर के विकासनगर डिपो में बसों की खराब स्थिति को लेकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। एक बस लंबे समय से वर्कशॉप में है, जबकि हाल ही में दिल्ली भेजी गई दूसरी बस रास्ते में ही खराब हो गई, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के विकासनगर डिपो में रोडवेज बसों की जर्जर हालत ने यात्रियों और कर्मचारियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बसों के बार-बार खराब होने से नाराज चालक और परिचालकों ने डिपो परिसर में जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों का आरोप है कि बसों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा उन्हें और यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि डिपो की बसों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। एक बस पिछले डेढ़ महीने से वर्कशॉप में खड़ी है, लेकिन उसे ठीक करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके चलते डिपो के पास उपलब्ध बसों की संख्या कम हो गई है, जिससे निर्धारित रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
हंगामे की एक मुख्य वजह मंगलवार को हुई एक घटना बनी। विकासनगर डिपो से एक बस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया था, लेकिन खराब हालत के कारण वह बस अलीगढ़ पहुंचते ही बंद हो गई। बीच रास्ते में बस खराब होने से उसमें सवार यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
चालक और परिचालकों का कहना है कि वे खराब बसों को लेकर सड़क पर निकलने में असमर्थ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बसों की मरम्मत समय पर नहीं की गई, तो वे आगे भी विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने डिपो प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए तत्काल सुधार की मांग की है।
यात्रियों ने भी रोडवेज की इस बदहाली पर नाराजगी जताई है। नियमित यात्रियों का कहना है कि समय पर बस न मिलने और रास्ते में बस खराब हो जाने से उनके जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से बसों की स्थिति में सुधार करने की अपील की है ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, डिपो प्रबंधन ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, कर्मचारियों के हंगामे के बाद डिपो में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
फिलहाल, विकासनगर डिपो की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का नियमित मेंटेनेंस अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।