कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला: छह मिनट के भीतर खाते से उड़ाए 8.43 लाख रुपये
कानपुर के पटकापुर निवासी रीना बेगम के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने महज छह मिनट में 10 यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 8.43 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली। घटना 28 अगस्त की रात को हुई। पीड़िता और उनके पति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर के पटकापुर इलाके में रहने वाली रीना बेगम के साथ साइबर धोखाधड़ी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त की रात को अज्ञात साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते को निशाना बनाया। अपराधियों ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से महज छह मिनट के भीतर खाते से बड़ी रकम उड़ा दी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ठगों ने यूपीआई के माध्यम से कुल 10 ट्रांजेक्शन किए। इन चंद मिनटों की सक्रियता में खाते से 8,43,221.64 रुपये निकाल लिए गए। इतनी बड़ी राशि अचानक खाते से गायब होने के बाद पीड़िता और उनके परिवार को घटना का पता चला, जिससे वे स्तब्ध रह गए।
घटना की जानकारी होते ही रीना बेगम और उनके पति ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत स्थानीय साइबर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर सुरक्षा खामियों या अनजाने में साझा की गई जानकारी के कारण होती हैं। फिलहाल पुलिस उन ट्रांजेक्शन के डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और अपने यूपीआई पिन या ओटीपी को किसी के साथ साझा न करने की अपील की गई है।
कानपुर साइबर पुलिस अब बैंक से उन खातों का विवरण मांग रही है जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता को अपने बैंक खातों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।