ताज़ा अपडेटकानपुर में साइबर ठगी: रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी को पेंशन कार्ड का झांसा देकर 13.77 लाख रुपये की चपत
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

कानपुर में साइबर ठगी: रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी को पेंशन कार्ड का झांसा देकर 13.77 लाख रुपये की चपत

कानपुर के तिलकनगर में रहने वाले 89 वर्षीय रिटायर्ड वायुसेना ग्रुप कैप्टन कमलाकान्त द्विवेदी के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक ठग ने पंजाब नेशनल बैंक का कर्मचारी बनकर उन्हें पेंशन कार्ड बनवाने का लालच दिया और उनके खाते से 13.77 लाख रुपये उड़ा लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कानपुर के तिलकनगर इलाके में एक वरिष्ठ नागरिक और रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 89 वर्षीय रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन कमलाकान्त द्विवेदी को साइबर अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। ठगों ने उन्हें फोन पर पंजाब नेशनल बैंक का कर्मचारी बताकर संपर्क किया।

पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उन्हें पेंशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करने का झांसा दिया। इस दौरान ठग ने विश्वास में लेकर उनसे बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद, उनके खाते से 13.77 लाख रुपये की बड़ी राशि निकाल ली गई।

घटना का पता चलने पर पीड़ित ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। इस साइबर अपराध के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अक्सर वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाते हैं क्योंकि वे डिजिटल लेनदेन की बारीकियों से कम परिचित हो सकते हैं। इस मामले में भी ठग ने बैंक कर्मचारी बनकर विश्वास जीतने की कोशिश की।

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बैंक खातों के विवरण और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच शुरू कर दी है ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।

यह घटना एक बार फिर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के प्रति सतर्क रहें और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को सूचित करें।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗