कानपुर: साइबर ठग ने बीए की दो छात्राओं को बनाया शिकार, ब्लैकमेल कर हड़पे 40 हजार रुपये
कानपुर में एक साइबर ठग ने बीए की दो छात्राओं को अपना निशाना बनाया है। आरोपी ने खुद को लंदन का निवासी बताकर इंस्टाग्राम के जरिए उनसे दोस्ती की और फिर उनकी निजी तस्वीरें हासिल कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, ठग ने छात्राओं से 40 हजार रुपये की वसूली की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
VIMARSHNAARAD TVकानपुर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक ठग ने बीए की दो छात्राओं को अपना शिकार बनाया है। आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर खुद को लंदन का निवासी बताया और एक ही कॉलेज में पढ़ने वाली इन दोनों सहेलियों से दोस्ती कर ली। विश्वास जीतने के बाद उसने छात्राओं से उनकी निजी तस्वीरें मंगवा लीं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, तस्वीरें हासिल करने के बाद ठग ने अपना असली चेहरा दिखाया और छात्राओं को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उनसे पैसे की मांग की। डर के कारण छात्राओं ने उसे 40 हजार रुपये दे दिए, लेकिन ठग की धमकियां जारी रहीं।
यह घटना साइबर सुरक्षा के प्रति बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है। ठगों द्वारा सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को फंसाने का यह एक और उदाहरण है। पीड़ित छात्राओं ने इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। साइबर सेल की मदद से इंस्टाग्राम अकाउंट और ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच की जा रही है ताकि ठग को पकड़ा जा सके।
इस मामले ने छात्रों और युवाओं के बीच ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी स्थिति में अपनी निजी तस्वीरें या संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
कानपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर सेल को दें। इस तरह के मामलों में घबराने के बजाय कानूनी मदद लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और छात्राओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। साइबर ठगों का जाल लगातार फैल रहा है, जिससे निपटने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।